2009 से शुरू हुई ओपन राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगि बुजुर्गों से प्रेरणा ले सकें युवा, इसके लि कराई खेल स्पर्धा, अब 17 राज्यों से खिलाडी भाग लेते है
बुजुगों को मैदान पर फर्राटा दौड़ लगाते हुए युवा व बच्चे देखेंगे तो उनमें भी खेलो भावना पैदा होगी। बुजुर्ग वर्ग भी खेलों में भाग लेने के लिए आगे आएंगे। जिससे वे शारीरिक और सोच के साथ अलवर में युवरानी एथलेटिक्स समिति ने ओपन राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू की। इसमें करीब 17 प्रदेशों के बुजुर्ग, युवा व बच्चे तक भाग लेते हैं। दो दिन के इस खेल में बुजुगों का मानसिक रूप से स्वस्थ रह कर समाज की सेवा कर सकेंगे।
। युवरानी एथलेटिक्स समिति की अध्यक्ष जीत कौर सांगवान ने बताया कि प्रतियोगिता शुरू करने का भी रोचक किस्सा है। मास्टर्स प्रतियोगिता में भाग लेकर 2008 में हम मुंबई से आ रहे थे। इस दौरान जयपुर की मास्टर्स एथलीट अलवर के अशोक गुप्ता, जोधपुर की शिना जैन व जयपुर के रवि शर्मा के बीच बात चल पड़ी कि युवाओं व बच्चों को मैदान पर कैसे लाया जाए। साथ ही बुजुर्ग एथलीट भी खेलों में सक्रिय रहे। इस बात पर मुंबई से जोधपुर तक विचार चला। फैसला हुआ कि ओपन राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराई जाए। इसे अलवर में कराने का फैसला हुआ। 2009 में इस प्रतियोगिता में विभिन्न स्थानों के एथलीटों ने भाग लिया।
5 से 90 वर्ष की उम्र तक
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 5 साल से 90 साल से अधिक तक के खिलाड़ी भाग लेते है। लगातार तीन पीढ़ियों के लोग तक इसमें खेलते हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि बुजुर्ग, युवा से अच्छा प्रदर्शन करते हैं। महिलाओं की भागीदारी भी कम नहीं होती। बुजुर्ग महिलाएं भी भाग लेती हैं। बालिकाएं भी भाग लेती हैं। एथलेटिक्स की दौड़, गोला फेंक, तश्तरी फेंक, भाला फेंक, लंबी कूद सहित अन्य प्रतियोगिताएं विभिन्न आयु वर्ग में होती हैं। परिवार सहित लोग इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आते हैं। देश के बुजुर्ग खिलाड़ी यहां आकर मिलते हैं तो वे अपने समय की बातों को याद करते हैं। इनमें देश के पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी व दक्षिणी राज्यों के 500 से अधिक खिलाड़ी भाग लेते हैं।
5 से 90 वर्ष की उम्र तक के खिलाड़ी, महिलाएं भी शामिल
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 5 साल 900साल से अधिक उम्र तक के खिलाडीभाग लेते है। इसमें खेलते हैं। कई बार तो ऐसा होता है। कि बुजुर्ग से अच्छा करते हैं। महिलाओं की भागीदारी भी कम नहीं होती बुजुर्ग महिलाएं भी भाग लेती है। एथलेटिक्स की दौड़, गोला फेंक, तरतरी फेंक, भाला फेंक द सहित अन्य प्रतियोगिताएं विभिन्न आयु वर्ग में होती है। परिवार सहित लोग इस में भाग लेने के लिए आते हैं। देश के बुजुर्ग खिलाड़ी यहां आकर मिलते हैं तो वे अपने समय की बातों को याद करते हैं। इनमें देश के पूर्वी पश्चिमी उत्तरी व दक्षिणी राज्यों के 500 से अधिक खिलाड़ी भाग लेते हैं।
शूटिंग की खिलाड़ी थी युवरानी उन्हीं के नाम पर यह आयोजन होता है
कुमारी अलवर कोरी की खिलाड़ी और कोच भी रही। इसलिए उनक प्रतियोगिता की शुरुआत की पुण्यतिथि पर 26, 27 जून को दो दिन की प्रतियोगिता होती थी। इसके बाद परीक्षार्थी 2017 को कराने का फैसला हुआ। । इससे खिलाड़ियों को भी राहत मिली।
15 साल में इस साल 17वीं बार आयोजन हो रहा है। में भीड़ क्योंकि तीन बार प्रतियोगिताएं जम्मू और छत्तीसगढ़ में आश्रम प हो चुकी है। 2017 में तो एक साल में दो बार आयोजन भी हुआ। 2021 2022 में प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हुआ था। कोरोना इसका कारण बना।
युवरानी एथलेटिक्स समिति की ओर से दो दिवसीय ओपन राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार से राजर्षि कॉलेज के मैदान में होगा। प्रतियोगिता में बच्चे से बुजुर्ग तक में भाग लेंगे। सुबह दस बजे होने वाले नी प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में से मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री जन जितेंद्र सिंह होंगे। विशिष्ट अतिथि इनमें केबिनेट मंत्री टीकाराम जूली व शकुंतला रावत, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, मेवात विकास बोर्ड के अध्यक्ष जुबेर खान, विधायक दीपचंद खैरिया एवं । विशिष्ट अतिथि देशराज चौधरी
अंशुल चौधरी ने जीता कांस्य पदक
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रो कोटकासिम प्रधान विनोद कुमार सांगवान होंगी। अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा करेंगे। समिति की अध्यक्ष जीत कौर सांगवान ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने देश के विभिन्न राज्यों समापन होगा।
देश के विभिन्न राज्यों से महिला और पुरुष खिलाड़ी सं अलवर पहुंच गए हैं। इनके लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति सचिव गजेंद्र सिंह ने बताया कि 7 फरवरी को प्रतियोगिता का आरंभ होगा
जितेंद्र सिंह थे। विशिष्ट अतिथि केबिनेट मंत्री टीकाराम जूली, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, विधायक दीपचंद खेरिया एवं इस दौरान मास्टर्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया।
ये रहे प्रतियोगिता के परिणाम
100 मीटर दौड़ 20 साल से अधिक वर्ग में जम्मू कश्मीर के मुकेश कुमार, 30 से अधिक में राजस्थान के विश्वमित्र, 35 से अधिक में हरियाणा के भूपेंद्र, 40 से अधिक में राजस्थान के कोरमी सिंह, 45 से अधिक में हरियाणा के कुलदीप सिंह, 50 से अधिक में महाराष्ट्र के सुथसेन भीताकर, चरखी दादरी की 105 साल की रामबाई ने 100 मीट 55 से अधिक में दिल्ली के मुकेश, 75 से अधिक में हरियाणा के मुंशीराम, 80 से अधिक में महाराष्ट्र के अकरम शिंदे प्रथम, लंबीकूद में 5 साल से अधिक में युवराज, 70 साल से अधिक में रविंदर प्रथम रहे। 200 मीटर दौड़ में हरियाणा की 105 साल की रामबाई ने स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता का समापन मंगलवार को होगा।
पदकों का अर्द्ध शतक से ले कर दोहरा शतक
पंजाब से आए 3 एथलीट ऐसे रहे, जिन्होंने 1970 से अब तक पदक पाने में अर्द्ध में मुलाकात की। शतक से लेकर दोहरा शतक तक लगाया है। इनमें रविंदर सिंह ने 257 पदक, एमएस धानोआ ने 151 पदक और रामतीर्थ सिंह ने
व
प्रतियोगिता में 3 पीढ़ी के खिलाड़ी शामिल
रामबाई की 62 वर्षीया बेटी संतरा व 40 साल की नातिन शर्मिला भी प्रतियोगिता में भाग लेने आई। प्रतियोगिता में दूसरी व तीसरी पीढ़ी के लोगों के साथ भी खिलाड़ी शामिल हुए।
रवि शर्मा ने जितेंद्र सिंह का चित्र बनाया
जयपुर से आए रवि शर्मा ने 2008 में सुझाव दिया था कि बुजुर्ग, युवाओं व बच्चों के लिए एक ओपन प्रतियोगिता हो । इसके बाद यह प्रतियोगिता शुरू की गई। उन्होंने 4 मिनट में ही जितेंद्र सिंह का मोबाइल पर चित्र बना दिया। उन्होंने प्रतियोगिता में भी भाग लिया।
कैंसर को मात देकर खेलने आए नरेंद्र कोसर दौड़ी
उन्होंने बताया कि में भाग लेना शुरू उत्साह बढ़ गया। जॉगिंग करती हूं। 5 बारे में कहा कि ठकर जोगिंग करती है। अलावा खेतों में भी
अजमेर निवासी नरेंद्र कुमार बनवीर के यूरेनरी ब्लैडर में कैंसर हो गया। 2021 में आपरेशन हुए। इसके बाद वे कैंसर को मात देकर फिर से मैदान पर आए। 73 वर्षीय नरेंद्र ने अपने वर्ग की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने दिखा दिया कि हौंसला हो तो कुछ भी संभव है। दिल्ली से आई पत्रकार सुप्रिया राय ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया।
इन्होंने भी जीते पदक
लंबीकूद महिला वर्ग में 40 वर्ष से अधिक में बेरिया कमला बेन, 65 से अधिक में नंदा सुनी, 55 से अधिक में सुप्रिया राय, 400 मीटर दौड़ महिला वर्ग में 45 वर्ष में अनुराधा प्रथम रही। लंबीकूद में 5 साल से अधिक में राजस्थान के युवराज प्रथम, 15+ में यूपी के वसीम, 10+ में राजस्थान के राकेश, 20+ में संतोष, 40+ में करनी सिंह, 45+ में गुजरात के लक्ष्मण, 60+ में बालकिशन, 65+ में जयपुर के प्रवीण, 70+ में रविंदर सिंह प्रथम रहे। लंबी कूद में अलवर के शिवराम 55+ वर्ग में द्वितीय स्थान पर रहे। युवरानी एथलेटिक्स समिति के सचिव गजेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कृष्णमुरारी गंगावत होंगे
पुरस्कार हैं उम्र, जोश व जिंदादिली जगा देंगे
और मैदान के समापन पर मेडल और प्रमाण पत्र के साथ
में आए क लेने के लिए आता अपने में कई प्रतियताओं इसमें असे से स्वा जोश मिलता है। बुजुर्ग साथियों के साथ बातचीत करते हुए अपनी जवानी के दिन याद आ जाते हैं।
राज्यों की दूरियां नहीं रहती देख
पंजाब से आए 60 साल से अधिक के बूटा सिंह ने बताया कि विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के हिम्मत आपस में मिलने पर खेलों के राज्यों की सीमाएं समाप्त हो जाती है। हमें लगाता है कि हम परिवार के सदस्य है। ऐसी प्रतियोगिताएं हमें एक-दूसरे से मिलाती है। इसके लिए हम विभिन्न स्थानों से आते हैं
जीते पदक गुजराज से आए नरजी सहित कुल भई सुक भाई व हिम्मत महिल गुजरात से आए तीन साथियों ने सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता हमारे जीवन पटक संरक्षण के लिए
अलवर. राजर्षि कालेज के मैदान में प्रतियोगिता के समापन पर मेडल और प्रमाण पत्र के साथ खिलाड़ी।
में अजमेर से प्रतियोगिता में भाग लेने आए 186 साल के कंवर मंजर ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आता रहा हूं। अपने वर्ग में कई प्रतियोगिताओं में मैडल भी जीते। इस प्रतियोगिता में आने से नया जोश मिलता है। बुजुर्ग साथियों के साथ बातचीत करते हुए अपनी जवानी के दिन याद आ जाते हैं।
राज्यों की दूरियां नहीं रहती
पंजाब से आए 60 साल से अधिक के बूटा सिंह ने बताया कि विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के आपस में मिलने पर राज्यों की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं। हमें लगाता है कि हम परिवार के सदस्य हैं। ऐसी प्रतियोगिताएं हमें एक-दूसरे से मिलाती हैं। इसके लिए हम विभिन्न स्थानों से आते हैं।
को एक नई यह दिखाती है। मैदान पर हमें देखकर और भी बहुत उनका जीवन भी खुशियों से भा हो बच्चे भी प्रेरणा लें कि खेलों में शाि और मानसिक विकास दोनों होता है। हिम्मत सिंह ने कहा कि बचपन में ह गिरने के बाद एक हाथ चला खेलों के कारण ही वह आगे बढ़ स से
नानी से लेकर नवाली तक ने जीते मेडल हरियाणा को ख दादरी से आई 105 साल की महिला रामबाई उनको 60 साल की बेटी और 42 साल को नवासी ने प्रतियोगिता में भाग लिया। हरेक ने स्वर्ण पदक सहित अन्य एक जाते तो को महिलाओं ने प्रतियोगिता में भाग लेकर
जीते पदक गुजराज से आए ननजी भाई नकुल भाई, सुबह भाई व हिम्मत गुजरात से आए तीन साथियों ने सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता हमारे जीवन पदक जीते है।
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